बाड़मेर में पहले कभी इतने डेंगू मरीज सामने नहीं आए, जितने साल 2022 की सीजन में आए है। बरसात के बाद शुरू हुआ कहर नवम्बर तक नहीं रुका है। जिले में डेंगू आंकड़ा रेकार्ड 1000 के पार कर गया है। हालांकि विभाग 14 नवम्बर तक 927 केस बता रहा है। जबकि जिले में डेंगू केस जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसके चलते पॉजिटिव केस 1000 से भी कहीं ज्यादा हो चुके हैं। बारिश के बाद डेंगू ने बाड़मेर में कहर बरपाया है। अक्टूबर में सर्वाधिक केस सामने आए। जबकि डेंगू की शुरूआत जुलाई-अगस्त से हो चुकी थी। हालांकि उस वक्त रफ्तार कम रही। लेकिन यह आंकड़ा बाद में बहुत तेजी से बढ़ा। विभाग के नियंत्रण के प्रयास काफी देर बाद शुरू हुए। गांव ही नहीं शहरी क्षेत्रों में फोगिंग बाद में शुरू की गई, जो फोगिंग हुई भी उसकी भी मॉनिटरिंग नहीं के बराबर थी। ऐसे में डेंगू के मच्छर खत्म ही नहीं हुए और इसका नतीजा यह हुआ कि क्लस्टर बन गए। जिससे सैकड़ों मरीज चपेट में आ गए। चिकित्सा विभाग 927 पर अटका तेजी से बढ़ रहे डेंगू के केस को देखते हुए भी विभाग कितना सतर्क है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आंकड़ों को लेकर चिकित्सा विभाग 927 केस पर अटका हुआ है। ये आंकड़े 14 नवम्बर के बताए जा रहे है। सूत्रों के अनुसार चिकित्सा विभाग के पास 979 केस तक का आंकड़ा भी आ चुका है, लेकिन विभाग ने इसे अभी अपडेट नहीं किया है। …तो फिर अस्पतालों को डेंगू के कार्ड क्यों मिल रहे चिकित्सा विभाग कार्ड टेस्ट में डेंगू मिलने पर भी पॉजिटिव नहीं मानता है। जब सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए कार्ड दिए जा रहे है तो फिर उसके रिजल्ट को डेंगू पॉजिटिव नहीं मानना भी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कार्ड में डेंगू केस मिलने पर मरीज का उपचार उसी गाइडलाइन से चिकित्सक करता है। लेकिन चिकित्सा विभाग अपने नियम के अनुसार केवल एलाइजा टेस्ट में पॉजिटिव मिलने पर डेंगू केस मानता है। जयपुर के बाद बाड़मेर में रेकार्ड डेंगू राजस्थान में जयपुर में डेंगू के केस 4000 के पास पहुंच चुके है। वहीं बाड़मेर में भी 1000 केस इस सीजन में मिले है। पूरे प्रदेश में जयपुर के अलावा बाड़मेर में ही डेंगू केस का आंकड़ा चार अंकों में पहुंचा है। इसके अलावा 31 जिलों में डेंगू केस के मामले 500 से कम है। दिसम्बर में कम होने की उम्मीद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नवम्बर के आखिरी तक डेंगू का असर रहने की आशंका जताई है। दिसम्बर में डेंगू का कहर कम होगा। मौसम में हल्का बदलाव हुआ है, लेकिन अभी भी डेंगू केस मिलने की रफ्तार कम नहीं हुई है। अस्पतालों में अभी भी 15-20 मरीज पॉजिटिव मिल रहे है और भर्ती होने वालों की संख्या में भी कोई कमी नहीं आ रही है। पॉजिटिव ज्यादा आए, घातक रहा कम इस बार की सीजन में डेंगू के केस काफी अधिक आए है। अभी भी मरीज पॉजिटिव आ रहे है। लेकिन इस बार डेंगू घातक नहीं रहा। गंभीर मरीजों की संख्या कम रही। नवम्बर में डेंगू का असर कम हुआ है। दिसम्बर में इसके खत्म होने की उम्मीद है। -डॉ. बीएल मंसूरिया, अधीक्षक व पीएमओ राजकीय अस्पताल बाड़मेर ——————- अब चलाएंगे अभियान जिला कलक्टर ने मौसमी बीमारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में डेंगू के मरीज काफी ज्यादा है जो प्रदेश में द्वितीय स्थान पर है। उन्होंने डेंगू नियंत्रण के लिए एंटी लार्वा गतिविधियों एवं जागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा। जिला कलक्टर ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से चिकित्सा विभाग की ओर से व्यापक अभियान चलाकर जागरूकता के साथ-साथ पूरे जिले में गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश दिए। हमारा स्वास्थ्य, हमारी जिम्मेदारी, नाम से यह अभियान 28 नवंबर तक संचालित किया जाएगा।