बारां । बारा पोस्को कोर्ट -1 की पीठासीन अधिकारी जिला न्यायाधीश संवर्ग अल्का गुप्ता ने कवाई थानाक्षेत्र की 15 वर्षीय एक बालिका को बहला- फुसला कर भगा कर ले जाने और ज्यादती के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बता दे की विशिष्ट लोक अभियोजक पॉक्सो क्रम नं. 1 घांसीलाल वर्मा ने बताया कि 26 अक्टूबर 2020 को पीड़ित बालिका के पिता ने कवाई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उसकी 15 वर्षीय बालिका शाम को खाना खाकर अपनी मां के साथ सोई थी। रात्रि को लगभग एक बजे उसकी पत्नी की नींद खुली तो बालिका घर पर नहीं थी। जिसकी उसने सभी जगह तलाश की। लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। घर का सामान चेक किया तो पुत्री का आधार कार्ड व घर पर रखे 15 हजार रुपए गायब मिले। पुत्री झालावाड़ जिले के खानपुर थानाक्षेत्र के दहीखेड़ा गांव निवासी विशाल यादव पुत्र मोतीलाल के संपर्क में थी। उसने शक जताया कि उसकी पुत्री को विशाल यादव बहला फुसलाकर भगा ले जा सकता है। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया। जिसमें बालिका को दस्तयाब और आरोपी को
गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। जहां शनिवार को न्यायाधीश ने आरोपी विशाल यादव को दोषसिद्ध करार देकर धारा 363 व 366 के तहत 5-5 साल का कठोर कारावास एवं अर्थदंड 10-10 हजार रुपए तथा धारा 3/4 के तहत आजीवन कारावास (अभियुक्त के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास) की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने प्रकरण में जुर्माना राशि जमा होने पर धारा 357 दंड प्रक्रिया के तहत पीड़िता को जरिए माता प्रतिकर राशि के रूप में प्रदान करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष से अनुशंसा की है।