मुकुन्दरा को मिला नया बादशाह, टी 110 बाघ को रणथम्भौर से ट्रंकोलाइज कर मुकुंदरा रिजर्व के सेल्जर क्षेत्र के एनक्लोजर में छोड़ा

 

मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व को दो साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बाघ मिल ही गया। रणथम्भौर अभयारण्य से बाघ टी 110 को ट्रंकोलाइज कर मुकुंदरा रिजर्व के सेल्जर क्षेत्र के एनक्लोजर में छोड़ा गया। यहां के वातावरण में ढलने के बाद इसे खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। वर्तमान में मुकुंदरा में रह रही एकमात्र बाघिन एमटी 4 के लिए लंबे समय से जोड़ीदार की मांग की जा रही थी।

 

गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से अनुमति मिलने के बाद से ही मुकुंदरा में बाघ शिफ्ट करने के प्रयास किए जा रहे थे। करीब एक माह की ट्रैकिंग के बाद बाघ हाथ नहीं आया था। उसके बाद वन विभाग की टीम ने रणथम्भौर की फलौदी रेंज के देवपुरा नाके पर बाघ को ट्रंकोलाइज किया। इस दौरान रणथम्भौर बाघ परियोजना के सीसीएफ सेडूराम यादव, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के सीसीएफ शारदा प्रताप सिंह, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक संजीव शर्मा, पशु चिकित्सक डॉ. सीपी मीणा आदि मौजूद थे। इस दौरान शाम चार बजे बाघ को सेल्जर के एनक्लोजर में छोड़ दिया गया है।