छबड़ा विधायक व पूर्व मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी ने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार आये दिन आम आदमी से जुडी सुविधाओ की घोषणाएं तो कर देती है परन्तु उनकी क्रियान्वति के लिये सरकार द्वारा इन योजनाओ को धरातल पर लागू करने की कोई कार्ययोजना नही बनाई जाती है। प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयो में निःशुल्क जांच की घोषणा करकर जनता को गुमराह तो कर दिया परन्तु प्रदेश के अधिकतर चिकित्सालयो में जांच की मशीने उपलब्ध नही कराये गई है तथा जिन अस्पतालो में जांच की मशीने चालू और सही हालात में होने के बाद भी नर्सिंग स्टॉफ द्वारा मरीजो को जांच की मशीन खराब बताकर जांच चिकित्सालयो के बाहर कराकर मरीजो की मोटी रकम निजी जांच लेबो से जांच कराकर उनको लाखो रूपये का फायदा पंहुचाया जा रहा है तथा उनसे नर्सिंग स्टॉफ कमीशन कमा रहे है। सरकार को इसकी जांच कराना चाहिये। सिंघवी ने बताया कि प्रदेश के सबसे बडे चिकित्सालय सवाई मानसिंह चिकित्सालय स्थित चरक भवन में संचालित नेत्र विभाग में काम आने वाली लेजर मशीन पिछले काफी समय से खराब पडी हुई है, जिसके कारण मरीजो को निःशुल्क होने वाली जांच के स्थान पर बाहर निजी चिकित्सको से यह जांच दो से तीन हजार रूपये खर्चा कर करवानी पडती है, यह मरीजो के अधिकारो का हनन है तथा प्रदेश के अधिकतर चिकित्सायो में इस प्रकार की अव्यवस्था फैली हुई है। तथा मेरे द्वारा विधायक कोष से मेरी विधासभा क्षेत्र छबडा एवं छीपाबडौद चिकित्सालय में डायलिसिस एवं सोनोग्राफी मशीन जो मेरे द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है जो 6 माह बीत जाने के बाद तक नही लगाई गई है, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन द्वारा जिले की जनता के प्रति कोई जिम्मेदारी नही है। इसी प्रकार प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो में सरकार द्वारा कई विधालयो को क्रमोन्नत तो कर दिया है परन्तु इनमें से अधिकतर विधालयो में शिक्षक एवं भवन उपलब्ध नही है। सरकार द्वारा इन विधालयो में शिक्षक उपलब्ध कराने के नाम पर प्रदेश के लाखो बीएड धारक विधार्थीयो से विद्या संबंल योजना के लिये आवेदन मांगे गये जिन्हे बेरोजगार बीएड धारको ने पैसे की व्यवस्था कर इस योजना के अन्तर्गत आवेदन पत्र संबंधित विधालयो में जमा करा दिये परन्तु सरकार ने बिना कार्ययोजना बनाये लागू की गई विद्या संबंल योजना को निरस्त कर दिया जिससे बेरोजगार बीएड धारको को आर्थिक नुकसान उठाना पडा। जो कि बेरोजगार बीएड धारको के लिये सरकार द्वारा बडा ही पीडादायक कृत्य था। सिंघवी ने राज्य सरकार से मांग की है कि किसी भी योजना को लागू करने से पहले योजना का विस्तृत से अध्ययन करना सरकार का मौलिक उत्तरदायित्व है ताकि गरीब आमजन, बेरोजगार विधार्थीयो को सरकार की योजनाओ के नाम पर आर्थिक एवं मानसिक नुकसान नही उठाना पडे।