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सोशल मीडिया से शुरू हुई दिव्‍या मित्‍तल की प्रेम कहानी

टाइम्‍स ऑफ इंडिया में 4 नवंबर 2015 को छपी एक खबर के मुताबिक दिव्‍या मित्‍तल की साल 2014 में सोशल मीडिया के जरिए सीए प्रतीक से जान पहचान हुई। तीन माह बाद दोनों पहली बार उदयपुर में मिले। उस समय दिव्‍या मित्‍तल आबकारी विभाग में डीएसपी पद पर तैनात थीं। फिर दिव्‍या मित्‍तल और प्रतीक की प्रेम कहानी आगे बढ़ी। फिर मंदिर में शादी रचा ली।

 दिव्‍या मित्‍तल की शादी व तलाक

दिव्‍या मित्‍तल की शादी व तलाक

आरोप है कि प्रतीक ने दिव्‍या को आश्‍वासन दिया था कि उदयपुर में नौकरी लगने के बाद भव्‍य समारोह करके शादी को सार्वजनिक करेगा। फिर दोनों दिल्‍ली में किराए के मकान में रहे। भरतपुर, उदयपुर, मथुरा आदि स्‍थानों पर साथ रहे। शादी के बाद दहेज की मांग करने पर साल 2015 में दिव्‍या की ओर से उसके खिलाफ हिसार पुलिस को दहेज प्रताड़ना की शिकायत दी गई। फिर दोनों का तलाक हो गया।

 चिड़ावा में रह रहा दिव्‍या मित्‍तल का परिवार

चिड़ावा में रह रहा दिव्‍या मित्‍तल का परिवार

बता दें कि दिव्‍या मित्‍तल का परिवार मूलरूप से हरियाणा के चरखीदादरी का रहने वाला है। 45 साल से इनका परिवार झुंझुनू के चिड़ावा में रह रहा है। दिव्‍या दो व तीन बहनों में सबसे छोटी है। चिड़ावा व पिलानी से पढ़ाई करने वाली दिव्‍या पिलानी के साबू कॉलेज में लेक्‍चरर भी रही। फिर आरपीएसस की परीक्षा देकर साल 2010 बैच की आरपीएस बन गई।

 दिव्‍या मित्‍तल में उदयपुर में लग्‍जरी रिसोर्ट

दिव्‍या मित्‍तल में उदयपुर में लग्‍जरी रिसोर्ट

लग्‍जरी लाइफ जीन की शौकीन दिव्‍या मित्‍तल को करीब डेढ़ लाख रुपए की तनख्‍वाह मिलती है। दिव्‍या ने अथाह सम्‍पती बनाई। दिव्‍या लंबे समय तक उदयपुर में पोस्‍टेड रही। वहां रिसॉर्ट नेचर हिल पैलेस भी बनाया, जिसमें करीब 50 कमरे हैं। सालभर से दिव्‍या के लग्‍जरी रिसॉर्ट की देखरेख दलाल सुमित कुमार कर रहा था। एसीबी की जांच में यह भी सामने आया कि दिव्‍या मित्‍तल हर साल प्रॉपर्टी में निवेश करती थी।

ट्रेप नहीं कर पाई थी एसीबी

ट्रेप नहीं कर पाई थी एसीबी

एसीबी के एएसपी बजरंग सिंह ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दी थी कि वह निर्दोष है, लेकिन जब अनुसंधान अधिकारी दिव्‍या मित्‍तल के पास गया तो उन्‍होंने बोला कि उदयपुर चले जाओ। आपके पास फोन आ जाएगा। फिर दलाल कांस्‍टेबल सुमित बिश्‍नोई का फोन आया। उसने दो करोड़ मांगे। डराया धमकाया भी गया। सौदा 50 लाख में तय हुआ। दलाल को रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए एसीबी ने जाल भी फैलाया, मगर शक होने पर वह भाग गया। ट्रेप नहीं हो सका।

 आनासागर झील में फेंक दिए सबूत

आनासागर झील में फेंक दिए सबूत

बताया जा रहा है कि दिव्‍या मित्‍तल को एसीबी कार्रवाई की भनक एक दिन पहले ही लग गई थी। वह रविवार रात को करीब दस बजे सरकारी कार के चालक बहादुर सिंह को साथ लेकर जयपुर रोड एआरजी सिटी स्थित सी ब्‍लॉक के निजी फ्लैट-204 पहुंची और वहां से मिठाई के पांच-छह डिब्‍बे, दो बैग और दो मोबाइल फोन लेकर ब्‍यावर होते हुए उदयपुर चली गई। इस बीच उसने मोबाइल, मिठाई के डिब्‍बे व बैग आनासागर झील में फेंक दिए, जिनकी तलाश के लिए एसीबी ने आनासागर झील में सर्च भी किया।

 दिव्‍या मित्‍तल रिश्‍वतकांड केस

दिव्‍या मित्‍तल रिश्‍वतकांड केस

मई 2021 को अजमेर पुलिस ने 11 करोड़ रुपए से ज्‍यादा की नशीली दवाइयों की खेप पकड़ी थी। दवाइयां उत्‍तराखंड हरिद्वार की कंपनी की थी। इस मामले की जांच एसओजी की एएसपी दिव्‍या मित्‍तल को सौंपी गई थी। केस से नाम हटाने की एवज में नाम हटाने की एवज में दो करोड़ की रिश्‍वत मांगी गई थी। जयपुर एसीबी टीम ने अजमेर में 16 जनवरी को गिरफ्तार किया है। फिर एसीबी की स्‍पेशल कोर्ट में पेश करके 19 जनवरी तक रिमांड पर लिया गया। अब उनको राजस्‍थान सरकार ने निलंबित कर दिया।