मुरादाबाद। अमरोहा में तैनात रहीं एक पुलिस अधिकारी यहां थानेदारों की तैनाती को लेकर मुश्किल में आ गई हैं। जिले के 13 थानों में से सात में एक ही जाति के थानाध्यक्ष तैनात किए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर वीडियो कांफ्रेंसिंग में पुलिस उप महानिरीक्षक शलभ माथुर से पूछा, ऐसा कैसे हो गया।आइपीएस अधिकारियों की कुछ दिन पहले आई स्थानांतरण सूची में उक्त अधिकारी को प्रतीक्षारत कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार अधिकारी की कार्यशैली को लेकर कुछ लोगों ने शासन स्तर पर शिकायत की थी। कहा गया था कि अमरोहा में एक ही जाति के दारोगा व इंस्पेक्टरों को थानों की कमान सौंपी जा रही है, अन्य को अच्छे कार्य और अनुभवी होने के बाद भी नजरअंदाज किया जा रहा है। बताया गया था कि जिले के सात थानों में एक ही जाति के थानाध्यक्ष तैनात हैं। इसके अलावा उनके कार्यालय में भी समान जाति का स्टाफ ज्यादा तैनात बताया गया। मामला संज्ञान में आने पर सीएम योगी ने डीआइजी मुरादाबाद शलभ माथुर से रिपोर्ट भी मांगी थी। स्थानांतरण सूची में एसपी को कहीं पोस्टिंग नहीं मिली। मुख्यमंत्री योगी ने दो दिन पहले हुई वीडियो कांफ्रें सिंग में इस पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया।

अमरोहा के नवागत एसपी विनीत जायसवाल ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है। डीआइजी शलभ माथुर का कहना है कि सीएम के साथ वीसी हुई थी, इसमें अफसरों के तैनाती स्थल पर रुकने के आदेश दिए गए थे। अमरोहा की अधिकारी के मामले को शासन स्तर का मामला बताया और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस मामले में संबंधित अधिकारी को काल किया लेकिन उनका मोबाइल स्विच आफ था।

ठाकुरद्वारा के पूर्व विधायक विजय यादव व उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा कोतवाली ठाकुरद्वारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को उन्होंने अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर जुलूस निकाला था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने अधिक ध्वनि में डीजे बजाने, सड़क पर लापरवाही से बाइक व अन्य वाहनों को चलाकर मार्ग अवरुद्ध करने और धारा 144 का उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।