सोरसन के निकट सुंदर वाले हनुमान जी देवपुरा में चल रही भागवत कथा में श्री कृष्ण रुक्मणी की बारात निकाली जिसमें मनोहर झांकी सजाई गई राधिका गोरी से बृज की छोरी से मैया करा दे मेरो ब्याह भजन पर श्रद्धालु झूम के नाचे रविवार को कथा वाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि जो श्री कृष्ण विवाह को समर्पण भाव से सुनता है उसका दांपत्य जीवन सुखद हो जाता है पानी ग्रहण संस्कार से विवाह होता है वह संबंध अटूट रहता है लेकिन आधुनिक समय में व्यक्ति भारतीय संस्कृति के संस्कारों से दूर भागता जा रहा है, जिस घर में शस्त्र और शास्त्र होता है। वह घर हमेशा सुरक्षित होता है। हमारी संस्कृति मानव को मानव से प्रेम करना सिखाती है। निस्सहाय दीन दुखियों की सेवा ही ईश्वर सेवा है। शास्त्री ने गौ रक्षा का संदेश दिया। गौ सेवा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा, जिस घर में गौ सेवा होती है उस घर में वास्तु दोष नहीं होता। हर व्यक्ति को एक गो पालना चाहिए। गोमूत्र कहीं बीमारियों को नष्ट करता है और गाय के दूध पीने से बुद्धि का विकास होता है। स्मरण शक्ति बढ़ती है। कथा के दौरान पटेल रामगोप मीणा ने बताया कि कथा का समापन सोमवार को हवन प्रसाद के साथ होगा।