प्रेस विज्ञप्ति दिनांक-29.04.2022

सादर प्रकाशनार्थ

विधायक सिंघवी का ग्रामीण ईलाको का दौरा जारी, खेंजडा मे सिंघवी ने परवन प्रोजेक्ट सहित पानी, बिजली के मुद्दे पर सरकार को घेरा

 

छबडा विधायक व पूर्व मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी का अपने ग्रामीण इ्लाको का दौरे के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत झरखेडी के खेंजडा मे पंहुच आमजन के अभाव अभियोग सुने। सरपंच प्रतिनिधि मानसिंह मीणा ने बताया कि खेंजडा बगीची मे पंहुचे सिंघवी ने राज्य सरकार को बिजली, पानी के मुद्दे पर जमकर घेरा। यहां विधायक सिंघवी ने आरोप लगाया कि ग्रामीण ईलाको मे 15 से 20 घंटे तक बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। पेयजल को लेकर गांव गांव हाहाकार मचा हुआ है। सरकार हर मोर्चे पर विफल है। विधायक सिंघवी के साथ प्रधान हरिऔम नागर, छीपाबडौद मण्डल अध्यक्ष मुरारीलाल नागर, देहात मण्डल अध्यक्ष अशोक गौड, पूर्व सरपंच रूघनाथ मीणा, भगवान नागर, मुकेश मीणा, श्री कृष्ण नागर, गोकुल गुर्जर, राधेश्याम वैष्णव, अमरलाल नागर, श्याम नागर, रामकरण नागर, राजमल मीणा, भूपेन्द्र मीणा, कजोड मेहर, लड्डू सेन, सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मोजूद रहे।

 

सिंघवी ने परवन सिंचाई परियोना मे देरी को लेकर राज्य सरकार को घेरा

 

भाजपा सरकार मे मंजूर हुए हेण्डपम्प भी सरकार समय पर नही लगवा पा रही है। यहां सिंघवी ने भाजपा शासन मे मंजूर हुई परवन प्रोजेक्ट मामले मे राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव से घबराई कांग्रेस सरकार ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत परवन सिंचाई परियोजना के कार्य मे देरी के बहाने ढूंढ रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर परवन परियोजना के कार्य केा पूर्ण करने के लिए 2 वर्ष बढाने की मांग की है। राज्य की कांग्रेस सरकार को डर है कि अगर इस परियोजना का कार्य विधानसभा चुनाव के पूर्व निश्चित समय पर पूर्ण हो जायेगा तो भाजपा को इसका फायदा मिलेगा।

 

सिंघवी ने जल जीवन योजना मे लगाये भ्रष्टाचार के आरोप

 

विधायक सिंघवी ने केन्द्र सरकार की गांव गावं घर घर नल के जरीये 2024 तक पानी पंहुचाने वाली महत्वपूर्ण जल जीवन योजना मे राज्य सरकार की अनदेखी के चलते बडे पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। सिंघवी ने आरोप लगाया कि इस योजना के तहत गांव मे डाली जाने वाली तय पाईप लाईन से ज्यादा पाईप लाईन डालकर संगठीत भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसकी जांच होना आवश्यक है।