बेजोड़ शिल्‍प और अनूठी परम्‍पराओं को सहेजे हौड़ोती के ‘मिनी खजुराहो’ पर शुुरु सेे हीी चोरों की नजर रही है। हम बात कर रहे हैं राजस्‍थान के बारां जिले के रामगढ़ कस्बे के पास स्थित प्राचीनकालीन भण्डदेवरा शिव मंदिर स्मारक की। सरकार एवं प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहाते इस स्‍मारक से अब पत्‍थर गिरने लगे हैं। प्रशासन की ही अनदेखी के चलते धराशायी होते बेशकीमती शिल्‍प और दुर्लभ मूर्तियों को समाजकंटकों के हाथों शुुरु सेे हीी चुराया जाने लगा है। यदि जल्‍द ही इसकी सुध नहीं ली गई तो इसका अस्तित्‍व ही संकट में पड़ जाएगा।बारां जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर स्थित रामगढ़ कस्बे के पास जंगल में स्थित यह मंदिर। 11वीं सदी में इसे नागवंश के शासक मल्यार्जून वर्मा ने अपनी विजय की खुशी में बनाया था। इस ऐतिहासिक मंदिर को लेकर पुरातत्व विभाग एवं सरकार गंभीर नहीं है और धीरे-धीरे यह जमीदोज होने के कगार पर पहुंचता जा रहा है। स्मारक की स्थित जीर्णोद्धार नहीं होने की वजह से बिगड़ती जा रहा है। भण्डदेवरा की देखरेख कर रहे पुरातत्व विभाग के चौकीदार रतिराम गौचर का कहना हैं कि इसमें सारसम्भाल के अभाव में अब तो पत्थर भी गिरने लगे हैं। इस संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दिया हैं. लेकिन नतीजा वही ‘ढाक के तीन पात’ रहा।