भीषण गर्मी व कोविड उपरान्त आर्थिक गतिविधियों में तेजी से बिजली की मांग बढी प्रदेश में बिजली की मांग में 31 प्रतिशत की बढोतरीभीषण गर्मी व कोविड उपरान्त आर्थिक गतिविधियों में तेजी से बिजली की मांग बढी प्रदेश में बिजली की मांग में 31 प्रतिशत की बढोतरी

जयपुर, 23 अप्रैल । देश के विभिन्न क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी एवं कोविड के उपरान्त आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी की वजह से सम्पूर्ण देश में बिजली की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है। प्रदेश में भी बिजली की मांग में तेजी से बढोतरी हुई है। बिजली की मांग में बढ़ोतरी के चलते देश के विभिन्न राज्यों में 7-8 घंटे बिजली कटौती हो रही है।

प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष डिस्कॉम्स भास्कर ए सावंत ने बताया कि गत वर्ष अप्रैल माह में बिजली की मांग प्रतिदिन लगभग 2131 लाख यूनिट थी और अधिकतम मांग 11570 मेगावाट थी वह चालू वर्ष में बढ़कर लगभग 2800 लाख यूनिट प्रतिदिन व अधिकतम 13700 मेगावाट पहुंच गई है। इस तरह प्रदेश में बिजली की मांग 31 प्रतिशत बढ़ गई है। बिजली की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए एनर्जी एक्सचेंज सहित अन्य स्त्रोतों से भी मंहगे दामों में भी बिजली नहीं मिल पा रही है।

उन्होने बताया कि देशव्यापी कोयला संकट के कारण विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। अतिरिक्त मांग के अनुसार तापीय विद्युत गृहों को पर्याप्त कोयले की आपूर्ती नहीं होने की वजह से विद्युत उत्पादन इकाईयां पूर्ण क्षमता के साथ विद्युत का उत्पादन नहीं कर पा रही है। इसके परिणामस्वरूप विद्युत की उपलब्धता में कमी आई आई है। कोयले की कमी का सामना देश के कई राज्यों के साथ ही प्रदेश के तापीय विद्युत गृहों को भी करना पड़ रहा है। प्रदेश के थर्मल पावर स्टेशनों की विद्युत उत्पादन क्षमता 10110 मेगावाट है, जिनसे लगभग 6600 मेगावाट विद्युत का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है।

बिजली आपूर्ति व्यवस्था

ऐसी स्थिति में आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, आक्सीजन सेन्टर, पेयजल आपूर्ती व मिलिट्री इन्स्टालेशन आदि को सुचारु निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी रोस्टर के अनुसार बिजली कटौती करना निहायत जरूरी हो गया है। जिसके लिए उपभोक्ताओं को सूचित किया जाएगा। आवश्यक सेवाओं को बिजली कटौती से पूर्णतया मुक्त रखने के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दे दिए है। यह कटौती कुछ समय के लिए लागू की जा रही है और जैसे ही स्थिति सामान्य होती है इसे बन्द कर दिया जाएगा। आमजन से अपील है कि ये विद्युत का किफायत से उपयोग करते हुए बिजली आपूर्ती व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में विद्युत निगमों का सहयोग करें ।