Spread the love

दस दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर उपनिदेशक प्रभुदयाल शर्मा उपनिदेशक ने किया निरक्षण

 

छीपाबडोद –

आयुर्वेद विभाग राजस्थान की विशिष्ट संगठक योजना तहत् स्थानीय आर्यवाटिका धर्मशाला में दस दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर चल रहा है

शिविर प्रभारी डॉ रमेश सावंत ने बताया कि आयोजित शिविर में शल्य क्षार सूत्र चिकित्सा से 35 रोगियों को क्षारसूत्र पद्धति से आपरेशन किया जा चुका है। शल्य क्षार सूत्र चिकित्सा के अयोग्य 32 रोगियों को औषधोपचार सहित स्थानिक बस्ति चिकित्सा पर रखा गया है।

उपनिदेशक प्रभुदयाल शर्मा उपनिदेशक ने शिविर का किया निरक्षण वह आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

 

पंचकर्म चिकित्सा में लगभग एक सौ रोगियों की नियमित चिकित्सा में पत्रपिंड स्वेदन, अभ्यंग, वास्प, अलाबू ,अग्निकर्म,बस्ति चिकित्सा चलायी जा रही है, पंचकर्म चिकित्सा प्रभारी डा० अजय नागर के साथ चिकित्सा दल रोगियों को लाभांवित कर रहे है।

 

शिविर में क्षारसूत्र चिकित्सक डा० चन्द्रभान श्रीवास्तव छबडा ने शिविर में शल्य चिकित्सक डा० कुशल गौत्तम के साथ अर्श भगन्दर फिशर रोगियों के सफल आपरेशन किये जो क्षारसूत्र चिकित्सा योग्य पाये गये बरसों से परेशान अनेक रोगी शिविर में चिकित्सा से लाभ ले रहे है।

शिविर में इन्डोर मे भरती अर्श उपचार से आराम कर रहे अजमेर के रोगी ने बताया कि उन्हे आठ वर्ष पहले मलद्वार में दर्द के साथ खून आने पर काफी दवाये ली आखिर शिविर में चिकित्सा से बीमारी के मुक्ति पायी लाभ ले रही एक महिला रोगी ने बताया कि बहुत समय से मलत्याग बहुत जलन के साथ खून आता था यहां शिविर में बीमारी मिटने से बीमारी से मुक्ति मिली।

शिविर में सेवा दे रहे डा०चन्द्रभान श्रीवास्तव ने बताया कि उपचारित रोगियों को दैनिक क्रिया के साथ करीब दो माह तक सादा भोजन के साथ मिर्च मसालो के प्रयोग से परहेज करना आवश्यक है साथ ही बाइक चलाने की मनाही रहेगी जिससे दुबारा बीमारी होने की संभावना ना हो ।

क्षार सूत्र चिकित्सा संबंधी जानकारी में बताया कि इसमें किसी प्रकार से चीर फाड नही किया जाता आयुर्वेद शास्त्रों अनुसार वर्णित औषधियों से मेडिकेटेड थ्रेड को प्रभावित स्थान पर बांध दिया जाता है जिससे अर्श तीन चार दिन में सूखकर गिर जाते है यह हानिरहित चिकित्सा विधा है।

हाडौती क्षेत्र मे खानपान में तेज मिर्च मसालो का प्रयोग बीमारी का मुख्य कारण है रूखे भोजन के साथ छाछ का प्रचुर मात्रा मे प्रयोग करना चाहिये जिससे कब्ज ना हो तथा बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों पर ही उचित इलाज आवश्यक है।

आउटडोर में प्रतिदिन रोगी चिकित्सा से लाभान्वित हो रहे है शिविर में रोगियों की देखभाल में डा. प्रदीप शर्मा, डा. पवन मेघवाल व महिला चिकित्सक डा० ममता सुमन डा०पारूल यादव के साथ कम्पा, शिवशंकर नागर रविदत्त, चेतना मीणा, श्यामलाल नागर ,मांगी लाल मीणा,शरद कुमार मीणा,विनोद नागर के अन्य कंपाउण्डर व परिचारक सेवाये दे रहे है।

वही रोगियो को आयुर्वेद चिकित्सा का निःशुल्क लाभ प्रदान करने के लिए डॉ. मधुसुदन मीणा व डॉ. गणेश मालव के प्रबंधन में आउटडोर चलाया जा रहा है । शिविर समाजसेवियों ने रोगियों को फल दूध विभाग के अतिरिक्त वितरण किया गया जिनमें पूर्व जिला प्रमुख भरत बाठला, पूर्व प्रधान चौथमल नागर , सेठ सूरजमल ,पेंशनर जमना लाल मीणा , राधेश्याम बंसल बंजारी,पंडित जगदीश शर्मा अग्रणी रहे।