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बारां। निरोगी राजस्थान के तहत तंबाकू मुक्त राजस्थान की 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत बारां जिले को तंबाकू मुक्त करना है। जिला कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता के निर्देश पर महीने के आखरी दिन 30 अप्रैल शनिवार को जिलेभर में अभियान चलाकर कोटपा एक्ट 2003 के तहत चालान किए गए। तंबाकू नियंत्रण को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर प्रत्येक ब्लॉक तक अभियान चलाया गया। विभिन्न विभागों की ओर से एक ही दिन में 16 हजार 258 चालान बनाकर 1 लाख 19 हजार 520 का जुर्माना वसूला गया। जिला प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शनिवार को एक ही दिन में अपने-अपने क्षेत्रों में कोटपा एक्ट के उल्लंघनकर्ताओं पर चालान की कार्रवाई की है। इससे पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ 135 चालान बुक विभिन्न स्तर के अधिकारियों को सौंप चुका है। सीएमएचओ डॉ. संपतराज नागर ने बताया कि तम्बाकू मुक्त राजस्थान की 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत शनिवार को जिलेभर में महाअभियान चलाया गया। तंबाकू से होने वाले नुकसान सेहत के लिए घातक हैं। आमजन से इसकी समझाईश की जा रही है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के चालान बनाने की कार्रवाई की जा रही है। महाअभियान को लेकर जिला कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता के निर्देशन में पूर्व में ही कार्य योजना तैयार की गई थी। इसके तहत सभी विभागीय अधिकारियों को महाअभियान को लेकर सक्रियता से कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया था।  शनिवार को सुबह से ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कोटपा एक्ट 2003 के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई की है। डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. अकबर अली बोहरा ने बताया कि शनिवार को जिलेभर में कुल कार्रवाई करके 16 हजार 258 चालान बनाकर 1 लाख 19 हजार 520 का जुर्माना वसूला गया  डिप्टी सीएमएचओ डॉ. बोहरा ने बताया कि चालान की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। शहर से लेकर गांव तक सार्वजनिक स्थानों पर दुकानों, संस्थानों व व्यक्तियों पर एक्ट की धारा 4 व 6  के तहत 200 रुपए तक के  चालान काटे गए। राज्य में सर्वाधिक चालान काटने वाले प्रथम 3 जिलों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। जिला कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता ने अभियान को सफलतम बनाने के निर्देश दिए हैं।
प्रतिबंधित सुपारी व पान मसाला पर होगी प्रभावी कार्रवाई
डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. अकबर अली बोहरा ने बताया कि राज्य में मैग्नीशियम कार्बाेनेट, निकोटिन, तम्बाकू अथवा मिनरल ऑयल युक्त पान मसाले एवं फ्लेवर्ड सुपारी को प्रतिबंधित किया है। इनके अवैध रूप से स्टॉक पर की छानबीन करके कार्रवाई की जाएगी।
यह धाराएं लगाईं जाएंगी
डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ. अकबर अली बोहरा ने बताया कि कोटपा एक्ट की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर चालान किए गए हैं। जबकि नाबालिकों को तम्बाकू उत्पाद न बेचने का होर्डिंग ना लगाने वालों पर धारा 6 ए के तहत चालान किए जा रहे हैं। धारा 6 बी के तहत विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों व अस्पतालों के 100 गज दायरे में सिगरेट बेचने वाले पर चालान किए गए हैं। धारा 5 के तहत तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन हटवाए जाएंगे। सभी तम्बाकू विक्रेताओं को समझाइश कर प्रेरित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा 7 के तहत खुली सिगरेट बेचना भी अपराध है। कोई तम्बाकू उत्पाद किसी नाबालिक को दिखना नहीं चाहिए। लिहाजा कोई उत्पाद बाहर की तरफ प्रदर्शित होना धारा 6 बी के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। कहीं भी बीड़ी, सिगरेट, खैनी, जर्दा या तम्बाकू का कोई भी उत्पाद प्रदर्शित पाए गए हैं, तो भी चालान किए गए हैं। ।