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श्‍याम मानव का आरोप- भगवान के नाम पर फैला रहे अंधविश्‍वास

श्‍याम मानव बागेश्‍वर धाम वाले बाबा को खुली चुनौती दे रहे हैं कि नागपुर में आकर उनके लोगों के सामने ‘चमत्‍कार’ दिखाएं। वरना अंधविश्‍वास फैलाना बंद करें। श्‍याम मानव तो खुद दावा करते हैं कि वे आज तक इस तरह के हजारों बाबाओं को एक्‍सपोज कर चुके हैं। बागेश्‍वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्‍त्री को भी वैज्ञानिक प्रक्रिया से जांच की चुनौती स्‍वीकार करनी चाहिए।

 श्‍याम मानव ने बागेश्‍वर सरकार को क्‍या चुनौती दी?

श्‍याम मानव ने बागेश्‍वर सरकार को क्‍या चुनौती दी?

श्‍याम मानव बनाम बागेश्‍वर धाम के बाबा धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री के विवाद की शुरुआत तब हुई जब 5 से 13 जनवरी 2023 को महाराष्‍ट्र के नागपुर में रामकथा का आयोजन हुआ था। तब श्‍याम मानव ने धीरेंद्र शास्‍त्री के दिव्‍य दरबार के खिलाफ नागपुर में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने बागेश्वर महाराज के खिलाफ पोल खोल सभा का आयोजन किया था। सभा में महाराष्ट्र राज्य अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के प्रमुख श्याम मानव का भाषण समाप्त होने के बाद बागेश्वर धाम महाराज के कुछ समर्थकों ने नारेबाजी कर दी थी। श्‍याम मानव ने आचार्य धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री को चुनौती दी कि वे आकर अपना चमत्कार दिखा दें, लेकिन बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ऐसा नहीं किया।

 श्‍याम मानव की चुनौती पर धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री का जवाब

श्‍याम मानव की चुनौती पर धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री का जवाब

महाराष्ट्र राज्य अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के प्रमुख श्याम मानव की चुनौती का जवाब देते हुए बाबा धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री ने जवाब दिया कि 21 जनवरी 2023 से छत्‍तीसगढ़ के रायपुर में दिव्‍य दरबार लगेगा श्‍याम मानव उसमें आ जाएं। वे उनको टिकट भी देंगे और उनको चैलेंज भी पूरा करेंगे। इसे श्‍याम मानव ने अस्‍वीकार कर दिया। श्‍याम मानव ने कहा है कि रायपुर में धीरेंद्र शास्‍त्री के लोग होंगे। उनकी मौजूदगी में हकीकत सामने लाना संभव नहीं। चैलेंज सिर्फ महाराष्‍ट्र के नागपुर में उनके दस लोगों के समूह की मौजूदगी में होगा।

धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री का जीवन परिचय

धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री का जीवन परिचय

एमपी के छतरपुर जिले के गढ़ा में रामकृपाल गर्ग व सरोज गर्ग के घर 4 जुलाई 1996 को धीरेंद्र शास्‍त्री का जन्‍म हुआ। 12वीं कक्षा तक पढ़े -लिखे धीरेंद्र शास्‍त्री हनुमानजी के भक्‍त हैं। दावा करते हैं कि बालाजी की कृपा से वे लोगों के मन की बात जान लेते हैं और उनको समाधान बताते हैं।

धीरेंद्र शास्‍त्री के दादा भगवानदास गर्ग भी ये काम करते थे। वे भी मंगलवार-शनिवार को गांव के हनुमान मंदिर में दिव्‍य दरबार लगाते थे। गांव गढ़ा का वो ही हनुमान मंदिर बागेश्‍वर धाम के नाम से जाना जाता है। धीरेंद्र शास्‍त्री पहले अपने पिता के साथ गांव में भगवान सत्‍यनारायण की कथा सुनाया करते थे।

26 वर्षीय धीरेंद्र कुमार शास्‍त्री अब रामकथा के साथ दिव्‍य दरबार भी लगाते हैं, जिसमें अर्जी लगाने वालों की मन की बाज जान लेना का दावा करते हैं। इनको लंदन की संसद में 3 अवॉर्ड संत शिरोमणि, वर्ल्ड बुक ऑफ लंदन और वर्ल्ड बुक ऑफ यूरोप से सम्मानित भी किया जा चुका है।

 श्‍याम मानव का जीवन परिचय

श्‍याम मानव का जीवन परिचय

प्रो. श्याम मानव भारत के एक समाज सुधारक, तर्कवादी, लेखक और वक्ता हैं। वह भारत में सबसे बड़े और सबसे लंबे समय तक चलने वाले अंधविश्वास विरोधी आंदोलन, ‘अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक होने के लिए सबसे प्रसिद्ध हैं।

भारत में आत्म सम्मोहन के माध्यम से व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में भी अग्रणी हैं। उन्हें सेल्फ-हेल्प हिप्नोथेरेपी के क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। मेमोरी-स्टडी तकनीक, पारिवारिक संबंध और बाल विकास पर उनकी कार्यशालाएं बहुत लोकप्रिय और प्रभावी हैं।

प्रोफेसर श्‍याम मानव अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के उपाध्यक्ष हैं। इनका संगठन बीते 40 साल से काम कर रहा है। यह संगठन धर्म के खिलाफ ना होकर धर्म व भगवान के नाम अंधविश्‍वास फैलाने, लोगों को लूटने वालों को उजागर करता है। श्‍याम मानव दावा करते हैं कि उनका संगठन दुनिया में इकलौता है।