प्रेस विज्ञप्ति 27 अप्रैल

 

छबड़ा के पूर्व विधायक राठौड़ में जिला कलेक्टर को लिखा पत्र, सुपर थर्मल पावर प्लांट का CSR की राशि प्लांट प्रभावित क्षेत्र में खर्च न कर के अन्यत्र खर्च करने पर जताई नाराजगी।

 

छबड़ा के पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ ने छबड़ा के सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट के सीएसआर के तहत करोड़ों की राशि को प्लांट प्रभावित दर्जनों गांवो के विकास में खर्च नहीं कर के छबड़ा तहसील से अन्यत्र दूर दराज के तहसील के गांवो में खर्च करने को लेकर के नाराजकी जाहिर की हे।

राठौड़ ने कहा की सांसद, विधायक ने कलेक्टर के साथ राजनीति लाभ लेने के लिए सीएसआर की राशि की बंदर बांट कर के प्लांट प्रभावित गांवों के विकास का हक छीन लिया हे।

घर का पूत कुंवारा डोले और पड़ोसी के फेरे वाली कहावत को चरित्रार्थ कर रहा हे प्लांट का सीएसआर की राशि का वितरण।

प्लांट के निर्माण से दर्जनों गांवो की जमीन गई हे और प्लांट प्रभावित गांवो में सड़क, बिजली पानी स्वास्थ्य,शिक्षा ,के ढांचे में बहुत ही दयनीय स्थति में होते हुए भी प्लांट का सीएसआर से यह गांव विकास कार्यों की आशाएं लगाए हुए थे ।

जिन्हे अन्यत्र दूर दर्राजो के गांवो में राशि हस्तांतरित कर के बंदर बांट की गई है जिस से प्लांट प्रभावित गांवो के साथ कुटारघात किया हे ।

इन गांवो में विकास के कार्य की कमी होने के बाद भी सीएसआर राशि को अन्यत्र वितरित करना गलत है।

राठौड़ ने कहा की पूर्व में मेरे विधायक रहते हुए प्लांट की 32 करोड़ की सीएसआर राशि को प्लांट के प्रभावित गांवो में विकास कार्य के लिए खर्च करने का प्लान बनाया गया था।

लेकिन भाजपा सरकार आते ही उक्त राशि को अन्यत्र खर्च कर बंदरबांट कर दी गई थी। ओर फिर से वर्तमान में भी प्लांट की सीएसआर राशि की फंड को प्लांट प्रभावित गांवो की सुख सुविधा को नजर अंदाज कर अन्यत्र खुर्द बुर्द कर राजनेतिक लाभ दिया गया हे।

 

राठौड़ ने जिला कलेक्टर से निवेदन किया है की मोतीपुरा पावर प्लांट की सीएसआर राशि को प्लांट प्रभावित क्षेत्र में ही विकास कार्यों में खर्च करने का अनुरोध किया ।