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छीपाबड़ौद – बाराँ

जितेन्द्र कुशवाह
कहने को तो यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हो गया लेकिन सुविधाएं अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर की ही मुहैया हो पा रही है। जांच के नाम पर भी संसाधन नहीं होने से पचास फीसदी जांचे चिकित्सालय में नही हो पा रही जिससे मरीज व तीमारदारों को तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को हरनावदाशाहजी कस्बे में सीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे तहसीलदार गोकुल प्रसाद सैनी एवं नायब तहसीलदार कैलाश नारायण के सामने चिकित्सालय की प्रमुख समस्याएं सामने आई। नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार गुरुवार को ओपीडी समय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे इस दौरान उन्होंने ओपीडी वार्ड,दवा वितरण कक्ष समेत अन्य सभी कमरों एवं भवन का निरीक्षण कर जानकारी ली। इस दौरान भवन की कमी की बात भी चिकित्सकों ने बताई। नायब तहसीलदार ने बताया कि चिकित्सालय में साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं तो अनुकूल मिली लेकिन मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की मिलने वाली सुविधाओं की कमी वाली बात सामने आई है। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय प्रभारी ने बताया कि यहां के चिकित्सालय में ब्लॉक की सर्वाधिक डिलीवरी हर महीने होती है लेकिन एनएम का एक ही पद होने से काफी परेशानी आती है। चिकित्सालय में फार्मासिस्ट नहीं होने की समस्या भी सामने आई जिसके लिए चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि दवा वितरण के लिए नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगानी पड़ती है। सीएससी में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। लेकिन सीबीसी की मशीन उपलब्ध नहीं होने से यहां पर जांच सुविधा के अभाव में मरीजों एवं तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और यह जांचे चिकित्सालय के बाहर करवानी पड़ रही है। जबकि एक्स रे की सुविधा भी यहां नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां उपलब्ध होने वाली तीन दर्जन जांच सुविधाओं के बदले मात्र पचास फीसदी जांचे ही रोगियों को उपलब्ध हो पा रही है। नायब तहसीलदार ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट जिला कलक्टर को भिजवाई गई है।